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प्रतिवेदन श्रंखला (1)

🙏🏻🙏🏻 प्रतिवेदन 30 /4 /2021 को स्पेशल चर्चा परिचर्चा का कार्यक्रम अपने नियत समय पर शुरू हुआ. आदरणीय श्री जीत मनी सर जी ने मंच संचालन की अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया.  आदरणीय सेवती मैडम जी और  उर्मिला एकता मैडम जी के द्वारा बहुत ही बेहतरीन तरीके से पूर्व दिवस के चर्चा को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया.  इसके पश्चात आदरणीय सुनील मिश्रा सर जी के द्वारा आज की चर्चा आरंभ की गई जिसमें कि सर जी ने पढ़ना क्या है, इसके अंतर्गत निधि ने शिक्षकों के विचारों को साझा किया. जिनमें से 12 मुख्य विचारों को पढ़कर बताया गया.. इसके पश्चात यह प्रश्न पूछा गया सर जी के द्वारा कि हम बच्चों को पढ़ना सिखाते समय क्या-क्या सिखाते हैं?  जैसे कि अक्षर पहचान, ध्वनि पहचान, वर्तनी पहचान, मात्राएं,बाराखडी,संदर्भ में अनुमान, तथा कई तरीकों का उपयोग चित्र पर बातचीत व वाक्यों को लिखना पठनपूर्व पढ़ना,सामग्री पर बात करना इत्यादि बिंदु रखे गए जिनमें यह पूछा गया कि आप इनमें से तीन मुख्य कौन-कौन सी चीजों को इस्तेमाल करते हैं.  बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के अंतर्गत मुख्य रूप से पढ़ना का म...

प्रतिवेदन क्रमांक 3

🙏🏻🙏🏻🙏🏻 विषय :- शालापूर्व बच्चों में संज्ञानात्मक योग्यता का विकास.  प्रशिक्षण के इस कड़ी में शालापूर्व  बच्चों के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण गतिविधियों के बारे में चर्चा की गई. इस चर्चा के द्वारा पाया गया कि शालापूर्व बच्चों में अपने आसपास के प्रति अत्यंत संवेदनशीलता होती है. वे अपने आसपास की सभी चीजों को ध्यान से देखते समझते हैं और उसके  बारे में अपनी  अवधारणा गढ़ते रहते है. अच्छे शिक्षकों को चाहिए कि बच्चों के साथ कोई भी एक्टिविटी करते समय बच्चों के आसपास की वस्तुओं को वातावरण  को ही खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सामने प्रस्तुत करें जिससे कि उनकी अवधारणा एक कदम आगे परीपुष्ट होती चली जाए हर समय.  बच्चों के संज्ञानात्मक योग्यता की विकास की तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई जो इस प्रकार से हैं. 👉  *सामान्य संबंधों को पहचान पाने की योग्यता का विकास  * 👉  *क्रमबद्ध कर पाने की योग्यता का विकास* 👉   *कारण व प्रभाव के आपसी संबंधों को समझने की योग्यता का विकास* 👉   *सामान्य संबंधों को पहचान पाने की योग्यता क...

वेध उत्सव प्रतिवेदन श्रंखला 3

🎯प्रतिवेदन 24/5/2021 NEP पर विशेष चर्चा  प्रेरणा स्त्रोत आदरणीय श्री सुनील मिश्रा सर जी  प्रशिक्षक आदरणीय श्री दिनेश पुरोहित सर जी  मंच संचालन आदरणीय शकुंतला देवांगन  मैम जी  कल की चर्चा जो की NEP पर थी. आज  आदरणीय दीपेश पुरोहित सर जी के द्वारा उस चर्चा को आगे बढ़ाया गया. जिसमें कि क्रिटिकल थिंकिंग और क्रिएटिव थिंकिंग पर चर्चा की गई. 👉 क्रिटिकल थिंकिंग:- क्रिटिकल थिंकिंग को हम तार्किक सोच भी कह सकते हैं.  समस्या आने पर डिसीजन लेना तथा डिसीजन लेने की प्रक्रिया में आने वाले प्रश्नों व तर्कों द्वारा उचित निर्णय लेना ही क्रिटिकल थिंकिंग है. जब हमारे पास विषम परिस्थिति होती है या फिर कोई समस्या आता है तो उस समय उस समस्या पर अपनी समझ बनाना वह उसके विषय में चिंतन की प्रक्रिया को तर्कों द्वारा संतुष्ट करते हुए, निर्णय लेना ही क्रिटिकल थिंकिंग  है. NEP 2020 मैं यह माना गया है कि बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग का विकास करना है. अगर बच्चों में क्रिटिकल थिंकिंग का विकास बेहतर होगा तभी वे 21वी सदी के कौशल को प्राप्त करने में सक्षम होंगे. अतः हमें अपने बच्चों मे...

वेध उत्सव प्रतिवेदन श्रंखला 4

🎯 प्रतिवेदन 25/5/2021 NEP पर विशेष चर्चा.  प्रेरणा स्त्रोत आदरणीय श्री सुनील मिश्रा सर जी  प्रशिक्षक आदरणीय श्री दीपक पुरोहित सर जी  मंच संचालन आदरणीय श्रीमती मीरा चंद्राकर जी  कल के प्रशिक्षण को आगे बढ़ाते हुए आज पुनः क्रिटिकल थिंकिंग से आज की चर्चा की शुरुआत की गई.  क्रिटिकल थिंकिंग के अंतर्गत लॉजिकल थिंकिंग पर प्रश्न का उत्तर देते हुए चर्चा की शुरुआत.  किसी भी मुद्दे पर पूर्ण जानकारी रखना और उसके प्लस पॉइंट एवं माइनस पॉइंट को ध्यान में रखकर अर्थात उस विषय के सकारात्मक और नकारात्मक स्वरूप को देख पाने की क्षमता एवं सोच समझकर तर्कपूर्ण चिंतन करते हुए उसे सही रूप देना ही लॉजिकल थिंकिंग हैं.  लॉजिकल थिंकिंग को स्पष्ट करने के लिए वर्तमान  काल के प्रासंगिक मुद्दे पर बात की गई.  लेकिन की पर्याप्त आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है इसके क्या कारण है क्या अपने देश में वैक्सीन उपलब्ध कराना सरकार का नैतिक कर्तव्य नहीं है. दूसरे देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाने से पहले अपने देश के बारे में सोचना सरकार का कर्तव्य नहीं था.  ऐसे सवालों के जवाब व्यक्...

वेध उत्सव प्रतिवेदन श्रंखला 5

🎯 प्रतिवेदन 26/5/2021 NEP 2020  पर विशेष चर्चा.  प्रेरणा स्त्रोत आदरणीय श्री सुनील मिश्रा सर जी  प्रशिक्षक आदरणीय श्री दीपक पुरोहित सर जी  मंच संचालन आदरणीय उर्मिला एक्का मैम जी.  ईसीसीई पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए आज बताया गया कि ईसीसीई को लागू करने के लिए इसे 4 हिस्सों में वर्गीकृत किया गया है. 👉 1. आंगनबाड़ी  केंद्र जो पहले से ही अकेले चल रहे हैं. 👉 2. आंगनबाड़ी  केंद्र जो प्राथमिक शाला प्रांगण  में संचालित हो रहे हैं. 👉 3. प्री प्राइमरी साला जो प्राथमिक शाला के साथ संचालित हो रहे हैं जैसे कि प्राइवेट स्कूलों में. 👉 4. अकेले संचालित हो रहे प्री प्राइमरी स्कूल.  ECCE के प्रावधान के तहत अब प्रीस्कूल शासकीय स्कूलों के साथ आएंगे. इससे पहले प्राइवेट स्कूलों में ही प्री प्राइमरी स्कूलों का संचालन होता रहा है.  जिसे कि अब शासकीय स्तर पर शासकीय स्कूलों के साथ प्री प्राइमरी और प्राइमरी स्तर को एक ही प्रांगण में संचालित करने का प्रावधान किया गया है.  इस प्रकार के संस्थानों में उच्च गुणवत्ता युक्त बुनियादी सुविधाओं के साथ सीखने के ...

मैं व्यथित हूं

शीर्षक - मैं व्यथित हूं.......  👉 पीड़ा में तड़पते हुए अपनों को, टूट कर बिखरते हुए सारे सपनों को,  देख कर मैं व्यथित हूं........... 👉निस्तब्ध,स्तंभित की वेदनाओ  को, साथ ही लोगों की असंवेदनाओं को, देखकर मैं व्यथित हूं............. 👉पर पीड़ा में अवसर तक रहे लोगों को,सांसो की कालाबाजारी करते सौदेबाजों को, देख कर मैं व्यथित हूं................ 👉उन्होंने देखा था  लाशों पर चढ़कर आजादी आई थी,  हम देख रहे  आज लाशों पर गरमाई तुच्छ राजनीति को,  देख कर मैं व्यथित हूं................. 👉 अब तो जिंदगी और मौत पर भी आरक्षण का दांव चल रहा,  हमारी ही आस्तीन में जाने कब से  फरेबी  सांप पल रहा,  देख कर मैं व्यथित हूं............... 👉 कोई तरस रहा हवा को तो कोई तरस रहा दवा को,  पर क्या फर्क पड़े देश के लापरवाहो को,गद्दारों को, देख कर मैं व्यथित हूं............... 👉लोग पढ़ लिखकर परंपराओं संस्कारों से दूर हो गए,  सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे भद्राणि पश्यंतु के भाव अब लुप्त  हो गए,  देख कर मैं व्यथित हूं.............. 👉कहां गई वो रिश...

(बाल कविता )ठंडी हवा

बाल कविता बच्चों के भावो को व्यक्त करती बाल कविता  🎉ठंडी हवा चलती है चलती है🎉 कपड़ों को सुखाती है सुखाती है.  धूल को उड़ाती है उड़ाती है. ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉  पत्तों को हिलाती है हिलाती है.  फसलों को लहराती है लहराती है.  ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉  खुशबू को फैलाती है फैलाती है.  बदबू को  भी लाती ले जाती है.  ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉  बगिया को में महकाती है महकाती है.  कांटो को उलझाती है उलझाती है.  ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉 पेड़ो को भी हिलाती है हिलाती है. फलों को भी गिराती है गिरती है. ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉 गर्मियों में राहत देती है देती है. सर्दियों में ठीठुराती है ठिठुराती है. ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉 मेरे गालों को छू जाती जाती है. मेरे बालो को उड़ाती है उड़ाती है. ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉 मुझे बहुत  अच्छी लगती है लगती है. जब पसीने को सुखाती है सुखाती है. ठंडी हवा चलती है चलती है.🎉 29/05/2021स्वरचित कविता  लोकेश्वरी कश्यप शासकीय प्राथमिक शाला सिंगारपुर जिला मुंगेली छत्तीसगढ़